Friday, 22 July 2022

यदि हिमालय नहीं होता तो क्या होता पर निबंध | Yadi Himalaya Na Hota Essay In Hindi

Yadi Himalaya Na Hota Essay In Hindi : क्या आपने कभी सोचा है कि यदि हिमालय न होता तो क्या होता? हम आज जिस जलवायु का आनंद ले रहे है उसका एक सबसे बड़ा कारण देश के उत्तर में स्थित हिमालय पर्वत शृंखला है। हम यहां पर यदि हिमालय नहीं होता तो क्या होता पर निबंध शेयर कर रहे है। इस निबंध में यदि हिमालय नहीं होता तो क्या होता के संदर्भित जानकारी आपके साथ शेअर किया गया है। यह निबंध सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मददगार है।

यदि हिमालय नहीं होता तो क्या होता पर निबंध | Yadi Himalaya Na Hota Essay In Hindi


    यदि हिमालय न होता तो क्या होता निबंध (250 शब्द)

    यह हमारी कल्पना से परे है कि यदि हिमालय न होता तो दुनियाँ कैसी होती क्योंकि हम जब से बड़े हुए है तब से हिमालय को देख रहे है उससे जुड़ी बातें सुन रहे हैं। हमारी सोच में भी यह बात नही आती की कभी ऐसा दिन भी आएगा, जब हिमालय नही होगा या कभी ऐसा भी था जब हिमालय नही था।
     
    जब हिमालय नही था, तब तो इंसान थे भी नही। लेकिन अब जब हमें हिमालय की आदत हो गई है ऐसी स्थिति में यदि एक हिमालय खत्म हो जाये तो क्या होगा? हिमालय के न रहने का सबसे बड़ा असर न सिर्फ भारत के मौसम बल्कि एशिया के बाकी देशों के साथ साथ पूरे विश्व पर पड़ेगा। पूरी दुनियां के मौसम पर हिमालय का प्रभाव है।
     
    यदि भारत के संदर्भ में बात करें तो हिमालय के न होने से गंगा, यमुना, ब्रम्हपुत्र जैसी कई चोटी बड़ी नदियों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। गंगा के बड़े बड़े मैदान जो गंगा नदी के द्वारा लाई गई मिट्टी से बनता है वह बंजर हो जाएगा। खेती योग्य भूमि उत्तरी भारत मे नही बचेगी और जो भूमि पर खेती हो, वह भी पानी की कमी के चलते नही हो पाएगी ।

    देश के मौसम में बहुत बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे। मौसम की ऋतु प्रभावित होगी और छोटी हो जाएगी। सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी। देश की उत्तरी सीमा पाकिस्तान, चीन और आतंवादियों के लिए खुल जाएगी जिस कारण देश की सुरक्षा को लेकर भी नई चुनौतियां उभरने लगेगी।

    यदि हिमालय न होता तो क्या होता निबंध (300 शब्द)

    प्रस्तावना

    हिमालय पर्वत हमारे भारत देश के महत्वपूर्ण जगहों में से एक है। इसी हिमालय के कारण हमे अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलती है।

    हिमालय को पूरी दुनिया के सभी पर्वतों का राजा भी माना जाता है। इसी के साथ हिमालय हमारे भारत देश की एक प्राकृतिक संपत्ति है।

    नदियां और संस्कृति

    हिमालय पर्वत की वजह से हमारे भारत देश को गंगा, ब्रह्मपुत्र, जमुना और ऐसी ही कई सारी नदियां मिली है और इसी के साथ हिमालय से हमारे भारत देश की प्राचीन संस्कृति भी जुड़ी हुई है।

    लेकिन यदि हिमालय न होता तो हमारे भारत देश को गंगा, ब्रह्मपुत्र, जमुना जैसी कई सारी नदियां देखने को नहीं मिलती और आज हिमालय के बिना भारत देश की प्राचीन संस्कृति भी कुछ ओर होती। क्योंकि इसमे कैलाश पर्वत जैसा आध्यात्मिक स्थान है, जो हमे कभी नहीं देखने को मिलता।

    देवस्थान

    हमारे भारत देश के हिमालय पर्वत में कई सारे देवस्थान बसे हुए है, जो हमारे हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिसमे कैलाश पर्वत, हरिद्वार, बद्रीनाथ, केदारनाथ, अंबरनाथ और ऐसे ही कई सारे पवित्र तीर्थस्थान मौजूद है।

    यह सभी तीर्थस्थान हमारे भारत देश के संस्कृति से जुड़े हुए है। लेकिन यदि हिमालय न होता तो हमारे भारत देश के प्राचीन संस्कृति का यह अहम हिस्सा हमे काभी भी देखने को नहीं मिलता।

    एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल

    हिमालय पर्वत के रूप में हमारे भारत देश को एक सुंदर प्राकृतिक पर्यटन स्थल मिला है, जिसकी सुंदरता देखने पूरी दुनिया से लोक यहा एक पर्यटक बनकर आते है। जो हमारे भारत देश के लिए बहुत सम्मान की बात है।

    लेकिन यदि इस दुनिया में हिमालय पर्वत नहीं होता, तो हमारे भारत देश को इतना सुंदर पर्यटन स्थल कभी देखने को भी नहीं मिलता।

    निष्कर्ष

    हिमालय पर्वत की ऐसी कई सारी बातें है, जिनके बिना हमारा भारत देश अधूरा है। उनमे से एक है हमारे भारत देश की दुश्मन देश से सुरक्षा। इसलिए हिमालय पर्वत हमारे भारत देश के महत्वपूर्ण जगहों में से एक है।

    यदि हिमालय न होता तो क्या होता निबंध (850 word)

    प्रस्तावना

    यदि हम दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों, विशेष रूप से भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के परिप्रेक्ष्य से देखें तो हिमालय एक शरणस्थली है। इसे ‘भारत का ताज’ कहा जाता है। दक्षिण एशियाई देशों में हर देश हिमालय पर्वत श्रृंखला की गोद में फल-फूल रहा है। सभी देशो की सीमाएं शुरुआत कही न कही हिमालय से होती है।

    जैसे पूरे विश्व की जलवायु हिमालय पर निर्भर करती है वैसे ही एशिया की। हर कोई देखता है कि रेनस्टॉर्म टर्न का हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) के साथ संबंध है, जो प्रशांत और हिंद महासागर की जलवायु को प्रभावित करता है।
     
    पर यह हिमालय पर्वत हमेशा से यहाँ मौजूद नही था। इसको बनने में करोड़ो साल लगे है तब जाकर भारत का ताज बनकर तैयार हुआ है।

    पर ऐसी स्थिति की कल्पना करें जहां हिमालय पर्वत मौजूद न हों। ऐसी स्थिति निश्चित रूप से दक्षिण एशियाई देशों के लिए विनाश होगा। हिमालय के बिना उत्तर भारतीय मानव की उन्नति नहीं हो सकती। हिमालय के बिना हमें क्या क्या विनाशकारी परिणाम देखने को मिल सकते हैं इसकी व्याख्या आगे हैं।
     
    1.उत्तर भारत मरुस्थल होगा
    वाकई, आपने सही सुना। यदि हिमालय नहीं होता है तो पूरा उत्तर भारत आज एक मरुस्थल के रूप में हमारे सामने होता। आज उत्तरभारत देश की सबसे उपजाऊ जमीन से सुसज्जित है जिसका एक कारण हिमालय पर्वत है।

    बंगाल की खाड़ी से आने वाली तूफानी हवाएँ रुक रही हैं और हिमालय के पहाड़ों द्वारा परिलक्षित हो रही हैं। यह पर्वत श्रृंखला मध्य एशिया की तरफ जाने वाली हवाओं को रोक देती है, जो वर्षा का एक अच्छा संकेत है।
     
    भारत और बांग्लादेश में महत्वपूर्ण नदियों में से प्रत्येक हिमालय की सहायता से बनी है। जैसे  गंगा, यमुना, ब्रम्हपुत्र और अन्य महत्वपूर्ण नदियों के बिना भारत की क्या स्थिति होती यह हम आसानी से अनुमान लगा सकते हैं। ये नदियाँ ही पूरे देश को खिलाती हैं।

    गोबी और मैगनोलिया रेगिस्तान से जाने वाले सभी अवशेषों को पर्वत श्रृंखला द्वारा भारत में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। यह पर्वत मरुस्थल के विकास को रोकता है। गोबी के विकास को रोकने वाला कोई नहीं है।

    2. सर्दियां अविश्वसनीय रूप से ठंडी होती
    हिमालय उत्तर भारत की सीमा में  अविश्वसनीय रूप से सर्द ध्रुवीय हवाओं को रोकता है। ये ध्रुवीय हवाएँ जो साइबेरिया और मध्य एशिया से आ रही हैं, गैसीय दवाब के कारण उत्तर से भूमध्य रेखा के दक्षिणी भाग की ओर खिसकने खिसकने के कारण बनती हैं। हवाएं उच्च दवाब वाले स्थान से कम गैसीय दवाब की ओर प्रवाहित होती हैं।

    सर्दियों के दौरान उत्तरी ध्रुव एक उच्च गैसीय तनाव क्षेत्र में बदल जाता है, इससे हवाएं उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती हैं। लेकिन हिमालय की ऊँचाई के सामने ये हवाएं छोटी पड़ जाती है और टकराकर वही रुक जाती है।

    3. फसलों की कम पैदावार
    हिमालय के बिना, गंगा, यमुना और विभिन्न नदियाँ नहीं होगी। जिससे सिचाई के लिए पर्याप्त पानी नही मिलेगा। साथ मानसूनी हवाओ को रोकने के लिए नभी कोई विशाल पर्वत नही होगा जिससे बारिश होने की संभावना भी कम होती जाएगी।

    कम बारिश का सीधा असर हमारे देश में फसलों की पैदावार पर पड़ेगा। अनाज कम उगेगा। ठंडी में भी भीषण ठंड पड़ेगी, जिससे खेती और मुश्किल हो जाएगी। 

    धीरे धीरे हमारे देश की अधिकतर भूमि मरुस्थल में बदलती जाएगी और हमारा यहाँ पर जीवनयापन करना मुश्किल हो जाएगा।

    4. कोई नदी नहीं होगी
    सभी विशाल नदियाँ हिमालय की गोद से ही  का निकलती हैं। जिस प्रकार माता पिता के बिना बच्चों का जन्म नही हो सकता ठीक उसी तरह हिमालय के बिना भारत मे प्रवाहित होने वाली अधिकतर नदियाँ समाप्त हो जाएगी और सूखे की स्थिति पूरे देश मे बन जाएगी। पीने के लिए शुद्ध जल का आभाव हो जाएगा। खेती के लिए पर्याप्त जल नही मिलेगा।

    5. सरहद का रक्षक
    हिमालय ने हमेशा ही भारत को मंगोलिया के हमलों से मज़बूती से बचाया गया है। ठंडे वातावरण के साथ ऊंचे पर्वत श्रृंखला को पार करना कठिन है। यही कारण है कि मध्य एशिया के सभी हमलावरों ने महसूस किया कि भारतीय भूमि पर हमला करना कठिन है।

    वर्तमान समय में भी सीमा में हिमालय इस समय शत्रु देशो की सैन्य गतिविधियों में बाधक है। इस पर्वत श्रृंखला में ठंड का मौसम अनिवार्य रूप से पूरे साल पहले जैसा ही रहता है। विषम परिस्थितियों में, इसे पार करना कठिन होता है।

    6. कम वर्षा
    हिमालय के बिना, तूफानी हवा भारत को पार करने में सफल हो जाएगी और तिब्बती क्षेत्र तक पहुंच जाएगी, जिससे कम वर्षा होगी।

    7. सूखे की स्थिति
    जब कोई बारिश नहीं होगी, कोई आंधी नहीं, कोई नही नहीं, शुष्क वातावरण। ये स्थितियां लंबे और लगातार शुष्क मौसम का एक मजबूत संकेत हैं। शुष्क मौसम के कारण हमारा पूरा जीवन प्रभावित होगा।

    निष्कर्ष

    हिमालय के न होने की स्थिति के सभी परिणामों पर विचार करने के बाद, हम आज यह समझ सकते हैं कि हिमालय हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है।

    अंतिम शब्द
    हम आशा करते हैं, कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल  यदि हिमालय नहीं होता तो क्या होता पर निबंध ( Yadi Himalaya Na Hota Essay In Hindi) बहुत ही पसंद आया होगा। अगर आपको इससे संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए, तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। हम आपकी पूरी तरह से सहायता करने की चेष्टा करेंगे।

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